कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए मरहम का इस्तेमाल किया जा सकेगा। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने इस मरहम को T3X ट्रीटमेंट का नाम दिया है। इसके सफल प्रयोग के बाद अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मरहम के इस्तेमाल को अनुमति दे दी है। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह मरहम कोरोना समेत कई तरह के वायरस के संक्रमण को रोक सकता है।
इस मरहम का इस्तेमाल नाक में लगाने के लिए होगा। वैज्ञानिकों का दावा है कि इसे लगाने पर एक ऐसी लेयर तैयार होगी, जिसे कोरोना समेत दूसरे वायरस भी नहीं भेद पाएंगे।
नाक से होने वाले संक्रमण के मामले घटाए जा सकेंंगे
मरहम की रिसर्च से जुड़ी टेक्सास की कम्पनी एडवांस पेनिट्रेशन टेक्नोलॉजी के फाउंडर डॉ. ब्रिएन हबर के मुताबिक, ऑइंटमेंट (मरहम) के इस्तेमाल से कोरोना के बढ़ते मामलों में कमी लाई जा सकेगी। ऐेसे मरीज जिनमें कोरोनावायरस का संक्रमण नाक के जरिए हो रहा है, उसके कंट्रोल किया जा सकेगा। दुनियाभर में ज्यादातर संक्रमण नाक के जरिए ही हो रहे हैं।
डॉ. ब्रिएन के मुताबिक, यह एक बड़ी उपलब्धि है। यह ऐसा सुरक्षाचक्र साबित होगा जिसकी लोगों को उम्मीद थी और कोरोना से लड़ने में फ्रंटलाइन ट्रीटमेंट की तरह होगा। यह कोरोना के रोकने के लिए एक मजबूत लेयर तैयार करेगा।
मरहम खरीदने के लिए प्रिसक्रिप्शन की जरूरत नहीं
अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने T3X को ओवर-द-काउंटर दवा के तौर पर मंजूरी दी है। इसका मतलब है कि इसे खरीदने के लिए किसी को डॉक्टर के प्रिसक्रिप्शन की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसे मेडिकल स्टोर से सीधे खरीदा जा सकेगा।
रिसर्च में भी पुष्टि, सबसे आसानी से कोरोना नाक से पहुंचता है
अमेरिकी संस्थान मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की रिसर्च कहती है, प्राथमिक तौर पर कोरोना शरीर में सबसे आसानी से नाक के जरिए पहुंचता है। इसके बाद मुंह और आंख से काेरोना के संक्रमण के मामले आते हैं।
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